Ishan Kishan: ना गंभीर ना सूर्या, ईशान ने कहा अगर मेरा सबसे ज्यादा मदद किया तो वही है, ईशान ने बताया नाम

Ishan Kishan: भारत बनाम न्यूजीलैंड के बीच दूसरे मैच में कई सवालों के जवाब मिले. क्या ओपनिंग पेयर फ्लॉप होने के बाद भी भारत मैच जीत सकता है. तो कल इसका जवाब ईशान किशन (Ishan Kishan) और सूर्यकुमार यादव ने दे दिया है. 6 रन पर ही 2 विकेट गिरने के बाद जिस तरह से भारत ने साझेदारी किया और सूर्या के साथ ईशान ने बेहतरीन पारी खेली. यह भारतीय टीम की तैयारी पक्की कर रहा है. भारतीय टीम को इस मैच में टी20 विश्वकप से पहले तैयारी सही से कर ली है.

इस मैच में ईशान किशन (Ishan Kishan) ने जिस तरह से खेला यह अद्भुत था. यह  देखें लायक था उन्होंने 2 विकेट गिरने के बाद भी पारी को संभाली ही नहीं बल्कि तेज तरार रन पिटे. उन्होंने इस बेहतरीन पारी के लिए प्लेयर ऑफ़ मैच चुना गया. यह आवार्ड लेते एहुये ईशान किशन ने बताया कैसे 2 साल बाद वापसी की.

Ishan Kishan ने किया खुलासा

ईशान किशन (Ishan Kishan) ने किया खुलासा जब कप्तान ने कहा पता नहीं आज उसने क्या खाया था. ईशान ने कहा कि,

“दोपहर के खाने में कुछ खास नहीं था, मैंने बस सामान्य खाना खाया. मेरा पूरा ध्यान आज के खेल पर था और मैं इस मैच के लिए पूरी तरह से तैयार था. कभी-कभी आपको एहसास होता है कि आप अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं. बस आपको अपनी मानसिक स्थिति पर ध्यान केंद्रित करना होता है, गेंद को देखना होता है और अच्छे शॉट खेलने होते हैं. हम जोखिम नहीं लेना चाहते थे, क्रॉस-बैटिंग नहीं करना चाहते थे, लेकिन फिर भी मैं पावरप्ले में ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की कोशिश कर रहा था. आखिरकार, जब आप 200 से अधिक के लक्ष्य का पीछा कर रहे होते हैं, तो आपको पावरप्ले में अच्छे रन बनाने ही होते हैं.”

उन्होंने कहा कि,

“यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कैसी बल्लेबाजी कर रहे हैं. मुझे क्रीज पर बहुत अच्छा महसूस हुआ. मैं पहली ही गेंद से गेंद को सही से हिट कर पा रहा था, इसलिए मुझे खुद पर भरोसा था. मुझे यह महसूस हो रहा था कि अगर मैं अच्छे शॉट खेलूं, तो मैं टीम के लिए कुछ कर सकता हूं. मैं घरेलू क्रिकेट में सिर्फ रन बनाने पर ध्यान दे रहा था.”

ना गंभीर ना सूर्या, ईशान को वापसी में कैसे मदद मिली इस पर ईशान (Ishan Kishan) ने दिया जवाब

उन्होंने बात करते हुए साफ़ अपने घरेलु क्रिकेट और वहा के खिलाड़ी को क्रेडिट दिया. उन्होंने कहा कि,

“कभी-कभी खुद के लिए यह करना जरूरी होता है, अपनी बल्लेबाजी के बारे में अपने सवालों के जवाब ढूंढना और यह तय करना कि क्या आप भारत के लिए खेलने के काबिल हैं. इसीलिए मेरे लिए घरेलू क्रिकेट खेलना और रन बनाना महत्वपूर्ण था. अच्छी बात यह थी कि हमने ट्रॉफी भी जीती, और मैं उस आत्मविश्वास को यहाँ लेकर आया. तो यह मेरे लिए काफी अच्छा दिन था. मैंने खुद से एक सवाल पूछा

(अपनी वापसी के बारे में) – क्या मैं इसे दोबारा कर सकता हूँ या नहीं?

“क्या मैं इसे दोबारा कर पाऊंगा या नहीं? और मेरे पास इसका एकदम स्पष्ट जवाब था. मुझे लगा कि मैं पूरी पारी में बल्लेबाजी कर सकता हूं और अच्छे शॉट खेल सकता हूं. मुझे बस कहीं से भी रन बनाने की जरूरत थी ताकि मेरे सवालों का जवाब मिल सके. भले ही मैं आउट हो जाऊं, मैं बस अच्छा क्रिकेट खेलना चाहता था, बस इतना ही”

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