Sanju Samson: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड एक बार फिर आमने-सामने हुए. भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव टॉस हार गये. भारत उसी टीम के साथ मैदान में उतरा और पहले बल्लेबाजी करते हुए संजू सैमसन की बेहतरीन पारी की बदौलत 253 रन का लक्ष्य खड़ा किया. जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम ने भी मैच में हार नही माना और 246 रन का स्कोर खड़ा किया.
भारत के लिए इस मैच में सबसे बड़े मैच विनर बने जसप्रीत बुमराह ही बने. बुमराह ने बेहतरीन गेंदबाजी किये. और हारा हुआ मैच का रुख मोड़ दिया. हालाँकि इस मैच में संजू सैमसन (Sanju Samson) को प्लेयर ऑफ़ मैच के लिए चुना गया. संजू ने भी अपने अवार्ड का श्रेय सीधे बुमराह को दिए है.
संजू सैमसन (Sanju Samson) बने ‘प्लेयर ऑफ़ मैच’, दिया बड़ा बयान
संजू (Sanju Samson) ने इस मैच में भी 42 गेंद में 89 रन की बेहतरीन पारी खेली. संजू को जीत के बाद ‘प्लेयर ऑफ़ मैच’ के लिए चुना गया. उन्होंने बात करते हुए कहा कि,
“बहुत अच्छा लग रहा है. सच कहूँ तो, मुझे पता था कि पिछले मैच से मेरी फॉर्म अच्छी हो गई है, इसलिए मैंने सोचा कि मुझे इसे जारी रखना होगा. मुझे लगता है कि अपने देश के लिए महत्वपूर्ण मैचों में फॉर्म पाना आसान नहीं होता, इसलिए मैंने सोचा कि बड़ा मैच है, मुझे अपनी बल्लेबाजी का पूरा फायदा उठाना होगा. इसलिए मैंने खुद को अतिरिक्त समय दिया. मैंने अपनी पारी का थोड़ा हिसाब लगाया. मैंने अच्छी तैयारी की थी और मुझे लगता है कि सब कुछ अच्छा रहा.”
“शुरुआत में थोड़ा भाग्य का साथ मिला और फिर मैं बस इसे जारी रखना चाहता था. वानखेड़े में खेलते हुए, हम जानते हैं कि यहाँ किसी भी स्कोर को रोका नहीं जा सकता, इसलिए मैं जितना हो सके उतने रन बनाना चाहता था. यहाँ तक कि 250 रन भी यहाँ चेज़ करने लायक लग रहे थे और इंग्लैंड ने बहुत अच्छा खेला. सारा श्रेय उनकी बल्लेबाजी को जाता है और हमने वाकई एक शानदार सेमीफाइनल खेला.”
(पहले बल्लेबाजी बनाम दूसरी बल्लेबाजी में संजू (Sanju Samson) ने अंतर बताया कहा जैसा कि मैंने पहले कहा, आपको परिस्थितियों का आकलन करना होगा. हमने वानखेड़े में बहुत क्रिकेट खेला है, जैसा कि मैंने पहले कहा, यहाँ चेज़ करना थोड़ा आसान हो जाता है. उन्होंने टॉस जीता और हमें पहले बल्लेबाजी करने के लिए कहा. बल्लेबाजी की बात करें तो, जिस तरह से हमने बल्लेबाजी की, जिस तरह से मैंने और ईशान ने बल्लेबाजी की, अभिषेक के आउट होने के बाद हमने जो साझेदारी की, उससे मुझे लगा कि यहां 250 रन बनाना संभव है. इसलिए मुझे लगता है कि ड्रेसिंग रूम में भी हम इसी बारे में बात कर रहे थे.
यह अवार्ड मुझे नही उसे मिलना चाहिए, संजू (Sanju Samson) ने दिया श्रेय
तो जी हां, आज टीम के प्रदर्शन से मैं बहुत खुश हूं और इसका पूरा श्रेय जसप्रीत बुमराह को जाता है, जो विश्व स्तरीय गेंदबाज हैं, पीढ़ी में एक बार आने वाले गेंदबाज. मुझे लगता है कि उन्होंने आज वही कर दिखाया. यह (पुरस्कार) वास्तव में उन्हें मिलना चाहिए था. अगर हमने डेथ ओवरों में उस तरह से गेंदबाजी नहीं की होती, तो शायद मैं यहां खड़ा नहीं होता. गेंदबाजों को पूरा श्रेय जाता है, जिस तरह से उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में खुद पर भरोसा रखा.
शतक मायने रखते हैं? इस जवाब देते हुए कहा कि,
“मुझे लगता है बिल्कुल नहीं. शतक, आप वास्तव में शतक नहीं बना सकते. यह तो प्रक्रिया में आता है. यह कोई टेस्ट मैच नहीं है, न ही कोई वनडे मैच है जिसमें आप बार-बार ऊपर-नीचे होते रह सकते हैं. एक बार अच्छी शुरुआत मिल जाए, तो पहले बल्लेबाजी करनी होती है. इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है. बस लगातार मेहनत करते रहना होता है. और एक बार जब आप सही स्थिति में आ जाते हैं, तो कौन जाने, मुझे लगता है कि मैं कितने रन बना पाऊंगा. इसलिए मैं जो भी रन बना रहा हूं उससे बहुत खुश हूं और अपने देश को जीत दिलाने में योगदान देकर भी बहुत खुश हूं.”
