W W W W...कुलदीप ने 10 विकेट लेकर काटा ग़दर, चहल ने इंग्लैंड में उड़ाया गर्दा, 4 विकेट झटक कर दिलाया जीत

भारतीय स्पिनर्स का इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में कहर बरपा रहें है. कुलदीप यादव ने यॉर्कशायर के लिए एसेक्स के खिलाफ करियर-बेस्ट 10 विकेट लेकर धमाका किया तो अब युजवेंद्र चहल ने नॉर्थैम्पटनशायर की तरफ से  समेत मैच में पांच विकेट झटके विकेट पे विकेट चटका रहें है. इन दोनों स्पिनर्स को भारतीय टीम में अब उतना महत्व भले ना मिलें लेकिन विदेशी जमींन पर खूब कहर बरपा रहें है. चहल ने अपने प्रदर्शन से टीम को छह विकेट से जीत दिलाई.

दोनों के इस शानदार प्रदर्शन भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और चयन समिति प्रमुख अजीत अगरकर के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है.

कुलदीप यादव का कहर झटके 10 विकेट

कुलदीप यादव ने हेडिंग्ले में एसेक्स को पारी और 106 रन से हराने में सबसे बड़ा योगदान दिया. पहली पारी में 70 रन देकर  4 विकेट और दूसरी में महज 50 रन देकर 6 विकेट चटकाए. यह उनके फर्स्ट-क्लास करियर का पहला 10 विकेट हॉल है. मैच में उन्होंने 36 रन भी बनाए. कुलदीप पिछले कुछ समय से टेस्ट टीम में नियमित मौके नहीं मिल रहें थे, लेकिन इंग्लिश परिस्थितियों में उनका यह प्रदर्शन चयनकर्ताओं को मुंहतोड़ जवाब है.

चहल ने भी काटा ग़दर, दिलाया जीत

उधर चहल भी पीछे नहीं रहे. नॉर्थैम्पटनशायर की जीत में उनकी 4/46 वाली गेंदबाजी निर्णायक रही. इस सीजन में उन्होंने पहले ही डरहम के खिलाफ नौ विकेट लिए थे. चार मैचों में 19 विकेट और शानदार औसत के साथ चहल ने साबित कर दिया कि वे अभी भी टॉप फॉर्म में हैं. भारतीय स्पिनर्स का यह दोहरा कहर काउंटी के बल्लेबाजों के लिए मुसीबत बन गया है.

बोर्ड के लिए सोचने का विषय बन गया है. गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम स्पिन विकल्पों को लेकर सतर्क नजर आ रही है, जबकि अगरकर की चयन समिति युवा और मौजूदा विकल्पों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है. कुलदीप और चहल दोनों अनुभवी हैं और विदेश में विकेट लेने की क्षमता रखते हैं. उनके इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया कि फॉर्म की कमी नहीं, बल्कि अवसर की कमी है.

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