Harry Brook: भारत के खिलाफ इंग्लैंड ने महज 7 रन से मुकाबला हारी. भारतीय टीम के कप्तान ने इस मैच में टॉस नहीं जीत सके. लेकिन इस मैच को जरुर जीत चुके है. पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 253 रन का अक्षय खड़ा किया जो अब तक का बड़ा लक्ष्य था. लेकिन इंग्लैंड ने बेहतरीन पीछा किया और 7 रन से ही हार मिली. एक समय इंग्लैंड जीत के बेहद करीब था जैकब बेथल की जबरदस्त शतकीय पारी की मदद से कांटे का टक्कर देखने को मिला. इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक (Harry Brook) ने मैच में हार की वजह पर बात करते हुए खुलासा किया. उन्होंने अपनी गलती भी मानी. उन्होंने हार की वजह भी बताई.
“मेरी सबसे बड़ी गलती थी…”, हार के बाद कप्तान Harry Brook ने दिया बयान
हैरी ब्रूक (Harry Brook) ने बयान दिया उन्होंने माना कि संजू सैमसन का कैच छोड़ना सबसे बड़ी गलती थी. उन्होंने कहा कि,
“हमें लगा था कि पिच नई होने के कारण शुरुआत में थोड़ी मदद मिलेगी और पहली पारी में स्पिन की उम्मीद थी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ज़ाहिर है, उन्होंने भारतीय बल्लेबाज़ी पर ज़बरदस्त खेल दिखाया. आज रात और इस पूरे टूर्नामेंट में हमने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उस पर हमारे सभी खिलाड़ियों को गर्व होना चाहिए. बिल्कुल, मैं मानता हूँ कि सैमसन का कैच छोड़ना मेरी बड़ी गलती थी. जैसा कि कहावत है, कैच ही मैच जिताते हैं, और दुर्भाग्य से आज रात फील्डिंग में चीज़ें हमारे पक्ष में नहीं रहीं.
हैरी ब्रूक दिया ऐसा बयान जीत लिया 140 करोड़ भारतीय का दिल
इंग्लैंड के कप्तान हैरी (Harry Brook) ने बयान दिया उन्होंने भारतीय टीम की तारीफ की कहा कि,
“अंततः, इसका खामियाजा हमें भुगतना पड़ा. गेंदबाज़ी में थोड़ी बहुत चूक हुई. शायद हम उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए जितना कर सकते थे. लेकिन भारतीय बल्लेबाज़ दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ों में से हैं, और अगर आप उनके खिलाफ़ अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं, तो गेंद बाउंड्री के बाहर चली जाती है. तो हाँ, शायद हम उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए जितना कर सकते थे, लेकिन जैसा कि मैंने कहा, हमने पूरी कोशिश की और दुर्भाग्य से हार गए. जैकब बेथेल के बारे में उनका अभिनय बिल्कुल अविश्वसनीय था.”
“मुझे लगता है कि वह अपने करियर में खूब पैसा कमाएगा और इंग्लैंड के लिए एक शानदार करियर बनाएगा. उसने आज रात दुनिया को दिखा दिया कि वह कितना अच्छा खिलाड़ी है. दुर्भाग्य से हम हार गए, लेकिन यह पारी इस टूर्नामेंट से मिली एक बड़ी सकारात्मक सीख है. उसे पहले ही गेंद से खेल को अपने हाथ में लेते हुए देखना, सबको अपनी काबिलियत दिखाना, वाकई खास था. सच कहूं तो मुझे लगता है कि हमारा टूर्नामेंट अच्छा रहा. जैसा कि मैंने पहले कहा था, हमें अपने खेल पर बेहद गर्व होना चाहिए. मैंने कुछ दिन पहले कहा था कि हम कभी हार नहीं मानते, और आज रात यह बात फिर साबित हो गई. 250 रनों का पीछा करते हुए, दूसरी टीमें शायद बिखर जातीं या टूट जातीं, लेकिन हम पूरे मैच में डटे रहे. हमने पूरी कोशिश की, और दुर्भाग्य से आज रात हम हार गए.”
