गंभीर

भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे टी20 मैच में मेजबान टीम की शर्मनाक हार के बाद हेड कोच गौतम गंभीर ने शुक्रवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखी। भारत ने 249 रन का विशाल स्कोर खड़ा करने के बावजूद वेस्टइंडीज को रोक नहीं पाया। शाई होप के नाबाद 102 और शर्फेन रदरफोर्ड के 84 रनों की बदौलत मेहमान टीम ने 18.3 ओवर में 6 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज 1-1 कर दी।

गौतम गंभीर ने कहा गेंदबाजी का करियर दांव पर

यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के खिलाफ दूसरी सबसे बड़ी सफल रनचेज रही। गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेस किया उन्होंने कहा,

“क्या कोई बल्ले और गेंद के बीच अच्छा मुकाबला नहीं चाहता? जो आप चाहते हो, वही हम भी चाहते हैं। अगर आप सिर्फ चौके-छक्के देखना चाहते हो तो हम भी वही देखना चाहते हैं। अगर बराबर का मुकाबला चाहते हो तो हम भी वही चाहते हैं। क्योंकि गेंदबाज भी हमारे ही हैं। ये विदेशी गेंदबाज नहीं हैं। इनका करियर भी दांव पर है। इन्होंने ड्रेसिंग रूम में आने के लिए बहुत मेहनत की है। अगर बराबर का मुकाबला होगा तो बेहतर क्रिकेट दिखेगा।”

गंभीर ने कहा हमें इसका रास्ता निकलना होगा

उन्होंने फ्लैट पिच और ओस की वजह से गेंदबाजों की मुश्किलों को स्वीकार किया। कहा-

“हम विश्व चैंपियन टीम हैं, इसलिए हमें लगातार सुधार करना है। ये गेंदबाजी के लिए कठिन हालात थे। फ्लैट विकेट और ओस के साथ मुश्किल है, लेकिन हमें रास्ता निकालना होगा। खासकर जब विपक्ष पहले ओवर में दो और पावरप्ले में तीन विकेट खो चुका था। शाई होप की बल्लेबाजी का श्रेय उन्हें जाता है। वे इस फॉर्मेट में वर्ल्ड क्लास बल्लेबाज हैं।”

गंभीर ने कहा- मयंक को 150 के रफ्तार से ही फेंकना चाहिये

गंभीर ने हार को नजरअंदाज न करने की बात कही। “किसी भी हार को झटकना नहीं चाहिए। अगर सुधार करना है तो कुछ भी कालीन के नीचे नहीं छिपाना चाहिए। हम 250 रन नहीं बचा सके। उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी की और जीत के हकदार थे। खतरनाक टीमों के खिलाफ टॉस हारने पर भी स्कोर डिफेंड करने का तरीका निकालना होगा।”

तेज गेंदबाज मयंक यादव के बारे में उन्होंने कहा, “वो तेज गेंदबाज हैं और तेज गेंदबाजी ही करनी चाहिए। अगर 150 की स्पीड से डाल सकते हो तो डालो। तेज गेंदबाज होने का मतलब है तेज गेंदबाजी करना। आज उन्होंने वही किया और सफल रहे।”

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