भारत-ज़िम्बाब्वे के बीच पहला मैच खेला गया. आखिरकार भारत एक चैंपियन टीम की तरह खेली. भारत ने इस मैच में पहले टॉस जीता गेंदबाजी चुनी. और लम्बे समय बाद गेंदबाजो ने रफ़्तार से सबको मात दी. ज़िम्बाब्वे 125 रन बना सका. एक समय था 7 ओवर में 32 रन 4 विकेट ज़िम्बाब्वे ने गंवा दिया था. लेकिन वापसी कराते 125 रन बना सकी. ज़िम्बाब्वे ने इस मैच को बचाने की उम्मीद तब कम हो गयी जब वैभव ने बेरहमी से शुरुआत में ही पिटाई की. इस शर्मनाक हार के बाद ज़िमबाब्वे कप्तान सिकंदर रजा ने बयान दिया.
सिकंदर रजा ने कहा हमशे गलती हुई
पिच का आकलन पर अपनी गलती मानते हुए कप्तान सिकंदर राजा ने कहा कि, “फिर से, मुझे लगता है कि पिच उम्मीद के मुताबिक नहीं थी. सुबह के समय, मुझे लगता है कि नमी का असर ज़रूर पड़ा, लेकिन मुझे नहीं लगा था कि यह ज़्यादा देर तक रहेगा. मुझे लगा कि नई गेंद से पिच सख्त बनी रही. दुर्भाग्य से, हमने शुरुआत में ज़्यादा चौके भी नहीं लगाए, इसलिए गेंद नई ही रही, और इसी वजह से मुझे लगा कि पिच से गेंद के मूवमेंट ने बल्लेबाजी को और भी मुश्किल बना दिया.”
सिकंदर रजा हुए पिच पर आग बबूला
कप्तान ने अपनी गलती नहीं मानी उन्होंने कहा भारत को अच्छी पिच मिली और वही अगले मैच में उन्होंने बेहतरीन पिच की मांग कर दी कहा कि,
“मुझे लगा कि बांग्लादेश वनडे सीरीज के दौरान काफी नमी थी, और वह काफी देर तक बनी रही. जबकि आज, मुझे लगा कि नमी पहले आठ से दस या बारह ओवरों तक ही थी, और इसके अलावा, जब भारत बल्लेबाजी करने आया, तो विकेट बहुत सही था. तो, उम्मीद है कि अगले मैच के लिए हमें बेहतर विकेट मिलेगा ताकि टॉस हारने पर भी इसका ज़्यादा असर न पड़े.”
अपनी उच्छले बल्लेबाज की तारीफ की
[32/4 से 125/7 तक की वापसी पर बोलते हुए कहा कि, “जी हाँ, बिल्कुल. यह एक सकारात्मक पहलू है. मरुमनी और मधेवेरे – यह उनके लिए भी एक नई भूमिका है. मुझे लगता है कि उन्होंने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की और हमें एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया. हम इसे सकारात्मक रूप से लेंगे और उम्मीद है कि बाकी खिलाड़ी भी योगदान देंगे ताकि अगर हम पहले बल्लेबाजी करें तो हम एक प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा कर सकें.”
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