भारत-ज़िम्बाब्वे के बीच आखिरी टी20 मैच में भी भारत ने जीत के साथ समाप्त कर दिया. तीसरे मैच में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी की और वैभव सूर्यवंशी की घातक बल्लेबाजी की बदौलत 192 रन का लक्ष्य खड़ा किया. ज़िम्बाब्वे ने इस लक्ष्य के बदले में 20 ओवर में 157 रन ही बना सकी. इस मैच में जीत का योगदान वैभव सूर्यवंशी का रहा है उन्होंने अकेले 81 रन बनाया. इसके अल्वा किसी और ने कोई बड़ा स्कोर नहीं खड़ा कर सका. आज सीरीज खत्म होते ही वैभव को ‘प्लेयर ऑफ़ मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ़ सीरीज’ दोनों चुना गया.
वैभव ने अपने प्लेयर ऑफ़ मैच का इन्हें दिया श्रेय
उन्होंने कहा कि,
‘प्लेयर ऑफ़ मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ़ सीरीज’अपना पहला अवार्ड जीतते ही वैभव को ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा है. उन्होंने बात करते हुए कई सवाल के जवाब दिए. उनसे पुछा गया कि पिछले तीन दिनों में अपने प्रदर्शन से आप कैसा महसूस कर रहे हैं? उन्होंने जवाब दिया कहा कि,
“बहुत अच्छा लगा, हरारे पहुंचने के बाद पहले दो-तीन दिनों में हमारी तैयारी बहुत अच्छी रही. मैंने यहां अंडर-19 विश्व कप भी खेला है, इसलिए मुझे इस मैदान पर खेलना बहुत पसंद है. सभी ने मेरा साथ दिया – कप्तान, कोच, सबने – इसलिए मैं बहुत खुश हूं.”
वैभव ने बताया निडर होकर कैसे छक्का मारते है
सीरीज में आने से पहले आपका रवैया कैसा था? आप गेंद को निडरता से हिट करते हैं, यह तो हम जानते ही हैं! इसके जवाब में कहा,
“मेरा खेल वही है जो मैं टी20 क्रिकेट में खेलता हूं. मैं बस टीम के लिए वही करने की कोशिश कर रहा था. तीनों मैचों में मैंने टीम को अच्छी शुरुआत देने की कोशिश की. अगर मुझे अच्छी शुरुआत मिलती, तो मैं पारी को बड़ा बनाना चाहता था. यही मेरा एकमात्र लक्ष्य था.”
हां, आपको हरारे पसंद है, यहां की परिस्थितियां पसंद हैं. पारी की शुरुआत में एक बल्लेबाज के रूप में आपकी सबसे अच्छी खूबी क्या है? वैभव ने जवाब देते हुए कहा
“मैं वही शॉट खेलता हूं जिनका मैं अभ्यास करता हूं. मैं अभ्यास सत्र में जो कुछ भी करता हूं, मैच में उसे दोहराने की कोशिश करता हूं.”
मैन ऑफ़ द सीरीज बनना सपने जैसा है
और क्या भारत के लिए अपनी पहली पूरी सीरीज में मैन ऑफ द सीरीज बनना आपके लिए एक सपने के सच होने जैसा है?
“वैभव ने कहा कि जी हां, यह सचमुच एक सपने के सच होने जैसा पल है.. अपना पहला मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज पुरस्कार पाकर मैं बहुत खुश हूं.”
