त्रिकोणीय सीरीज का फाइनल मुकाबला आज इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच खेला गया. इस मैच में श्रीलंका ए ने टॉस जीता. और पहले गेंदबाजी का फैसला किया. बस क्या था भारतीय क्रिकेट की नई सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर क्रिकेट जगत को चौंका दिया है. श्रीलंका ए के खिलाफ युवा ओपनर ने महज 11 गेंदों में 50 रन ठोक दिए. इसके बाद यह आक्रामक पारी देखकर हर कोई हैरान ही था लेकिन वह रुकने नाम नही ले रही देखे ही देखते शतक के करीब पहुंचे. हालाँकि वह शतक के लिए नहीं बल्कि तांडव मचा रहे थे. 29 गेंद में 94 रन बनाकर आउट.
वैभव पर सबकी निगाहें टिकी थी. और हुआ भी ऐसा इस सीरीज में अब तक कुछ ख़ास नहीं हुआ लेकिन इस बार हर मैच का बदला जोड़ कर लिया है.
वैभव ने मचाया तांडव,454 के स्ट्राइक से सुनामी
वैभव ने मैच की शुरुआत में ही आग उगली. उन्होंने श्रीलंका ए केगेंदबाजों के खिलाफ चौकों और छक्कों की बौछार कर दी. उन्होंने मात्र 11 गेंदों में 50 रन बनाया.जिसमे उन्होंने 5 छक्का और 5 चौका जड़ा. यह कारनामा उनकी बेजोड़ बल्लेबाजी क्षमता को दिखाता है. पारी में कई विशाल छक्के और बाउंड्री शामिल थे, जिससे भारत ए को भी जबरदस्त शुरुआत मिली. वैभव की सुनामी 454 के स्ट्राइक से तूफ़ान मचा दिया.
नहीं थमा बल्ला, 94 पर आउट
वैभव सूर्यवंशी ने चौके के साथ अपना खाता खोला था. प्रियांश आर्या उनका साथ देने उतरे दोनों ने तेज खेली लेकिन वैभव ने तो कहर मचा दिया. उन्होंने इस मैच में लिस्ट ए का सबसे तेज अर्धशतक जड़ा है. इसके बाद भी छक्को की बरसात नहीं रुकी. उसी अंदाज में खेलते रहे हौर देखते ही देखते शतक के करीब पहुँच गये. इस तरह से 28 गेंद में 94 रन पर पहुँच गये थे महज एक छक्के की दूसरी थी शतक एतिहासिक शतक लेकिन यह सपना टूट गया और अगले ही गेंद पर छक्का मरने की चक्कर में कैच थमा बैठे. उनकी पारी 29 गेंद में 94 रन पर खत्म हुई. 324 के स्ट्राइक से वनडे में इतना रन बनना एक अविश्वसनीय था.
