Shreyas Iyer: भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज भारत बुरी तरह से हार चुका है. भारतीय टीम करो या मरो के चौथे मैच में महज 158 रन बना सकी. वही इंग्लैंड ने महज 14 ओवर में इस मैच को खत्म कर दिया और एकतरफा भारत को 9 विकेट से हरा दिया. इसके साथ ही सीरीज भी भारत हार चुकी है. आयरलैंड के बाद इंग्लैंड में भी एक मैच में जीत नहीं मिल रही है. इसलिए भारतीय टीम के लिए अब चिंता की विषय है. मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने बात करते हुए बताया कहा टीम से बार-बार गलती हो रही है.
श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने हार पर बोलते हुए दिया बड़ा बयान
कप्तान श्रेयस (Shreyas Iyer) से कई सवाल पूछे गए उसी में एक सवाल में उन्होंने कहा मै अपने प्रदर्शन से बहुत खुश हूँ लेकिन टीम से नहीं.
श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) से जब इस स्कोर के बारे में पूछा गया तो कहा कि,
“एक बार फिर, यह निराशाजनक रहा. निश्चित रूप से, 158 रन बोर्ड पर एक आदर्श स्कोर नहीं था. और अंत में हमने देखा कि उन्होंने कितनी जल्दी लक्ष्य का पीछा कर लिया.”
पिछले मैच में हार के बाद श्रेयस ने टीम से इस बार जीत के लिए क्या कहा
“जब हम गेंदबाजी करने आए, तो मैंने अपने गेंदबाजों से कहा कि वे जितनी बार हो सके एक ही लेंथ पर गेंद डालें क्योंकि मिडिल स्टंप और लेग स्टंप के ऊपरी हिस्से पर चौके लगाना बहुत मुश्किल था. इसलिए मुझे लगता है कि हमारी रणनीति में थोड़ी कमी रह गई. और हाँ, हमने देखा कि जब हम गति बदल रहे थे, जब हम कुछ अलग करने की कोशिश कर रहे थे, तो उन्होंने उन ढीली गेंदों पर रन बनाए.”
श्रेयस अय्यर ने कहा- मै खुश हूँ
श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) आप अपने प्रदर्शन से कितना खुश है इस पर कप्तान ने जवाब देते हुए कहा कि,
“मैं अपने प्रदर्शन से बहुत खुश हूँ, लेकिन देखिए, अगर इससे टीम को जीत नहीं मिलती, तो सब बेकार जाता है. इस बात से मुझे बहुत निराशा हुई क्योंकि जब भी मैं खेलता हूँ, मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूँ और यह सुनिश्चित करना चाहता हूँ कि मेरी टीम जीते. लेकिन दुर्भाग्य से, आज ऐसा नहीं हुआ. अगले मैच में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है.”
सीरीज हारने पर भारतीय टीम के कप्तान ने कही ये बात
Shreyas Iyer ने सीरीज हारने पर कहा कि हाँ, एक मैच बाकी है. सीरीज़ हाथ से निकल गई है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ दांव पर लगा है.
” देखिए, यह बदलाव का दौर है और हम बहुत सी गलतियाँ करेंगे. आप देख रहे हैं कि बहुत से युवा खिलाड़ी पहली बार इन परिस्थितियों में यहाँ खेल रहे हैं. इसलिए गलतियाँ निश्चित रूप से उन्हें यह एहसास दिलाएंगी कि विदेशी परिस्थितियों में ढलना और जागरूक रहना कितना महत्वपूर्ण है.”
“ज़रूर. यह ज़रूरी है कि आप अपनी गलतियों से जल्दी सीखें ताकि अंततः टीम को भी इसका लाभ मिले. और मुझे यकीन है कि टीम में जल्दी सीखने वाले खिलाड़ी हैं. मुझे यकीन है कि वे अपना आकलन करेंगे और अगले मैच में और भी मज़बूत होकर लौटेंगे.”
