भारत हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज 1-2 से हार गया. इस हार ने प्लेइंग इलेवन में अभूत खामियां देखने को मिली. जहाँ इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाजो ने बहुत ही कमाल का प्रदर्शन करके मैच का रुख मोड़ दिया था वही भारत के तरफ से पूरे सीरीज मुख्य स्पिनर कुलदीप यादव की कमी देखी गयी. जिसकी वजह से भारत मिडिल ओवर में भी खूब रन खाया.
क्रिकेट के हर दिग्गज ने कुलदीप यादव को प्लेइंग XI में मौका ना देने पर आलोचना की गयी थी. कुलदीप को पहले टी20 से बाहर फिर वनडे में प्लेइंग XI में मौका ना देना. मुख्य स्पिन गेंदबाज कुलदीप को इस तरह से अंदाज के बाद एक नए टीम का रुख कर लिया है.
अनदेखी से परेशान ने कुलदीप यादव अब इस टीम से खेलेंगे मैच
इंग्लैंड के खिलाफ भारत की प्लेइंग XI में लगातार अनदेखी के बाद अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव ने नया ठिकाना ढूंढ लिया है. उन्होंने इंग्लैंड की प्रमुख काउंटी टीम यॉर्कशर के साथ मौजूदा सत्र के लिए 8 मैचों का करार किया है. यॉर्कशर काउंटी क्रिकेट क्लब ने बुधवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की.
यॉर्कशर से जुड़ने पर कुलदीप यादव ने कहा,
“मैं यॉर्कशर से जुड़कर बहुत खुश हूं और इस मौके के लिए आभारी हूं. यॉर्कशर जैसे शानदार इतिहास वाले क्लब का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सम्मान की बात होगी. मुझे इंग्लैंड की परिस्थितियों में खेलने की चुनौती हमेशा पसंद रही है. प्रबंधन से बात करने के बाद मैं टीम से जुड़ने के लिए बेहद उत्साहित हूं और हैडिंग्ले में अच्छा योगदान देने को लेकर उत्सुक हूं.
🏏 Yorkshire County Cricket Club has confirmed the signing of Indian international spinner Kuldeep Yadav – ahead of matches in the One Day Cup and County Championship. Read more here 👉 https://t.co/AInedN8SAb pic.twitter.com/2cXs8y1Wxk
— Greatest Hits Radio West Yorkshire News (@GHR_WestYorks) July 22, 2026
कुलदीप की बढ़ी मुश्किलें
भारतीय टीम में हाल ही में गौतम गंभीर के कोचिंग में कुलदीप यादव को मौके कम मिले हैं, जिसके चलते उन्होंने काउंटी क्रिकेट का रास्ता चुना है. यह करार कुलदीप के लिए इंग्लैंड की परिस्थितियों में मैच प्रैक्टिस और आत्मविश्वास बढ़ाने का अच्छा मौका साबित हो सकता है. यॉर्कशर की टीम हाल ही में हैम्पशर से हार का सामना कर चुकी है, ऐसे में कुलदीप का अनुभव टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. कुलदीप पहेल टी20 अब वनडे में प्लेइंग XI में मौका ना मिलने से उनकी मुश्किलें बढ़ गयी.
