भारत-श्रीलंका के बीच खेले गए गाले टेस्ट मैच में आज भारत को जीत हासिल हुई. भारत के तरफ से देवदत्त पद्दिकल ने बेहतरीन पारी खेलकर शतक भी लगाया. इस मैच में भारतीय टीम के तरफ से गेंदबाजी और बल्लेबाजी में बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला. गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस टेस्ट में पद्दिक्कल ने पहली पारी में 230 गेंदों पर 167 रन की शानदार पारी खेली. इसमें 15 चौके और एक छक्का शामिल था. यह उनके टेस्ट करियर का पहला शतक और 150 से अधिक का स्कोर था. नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख बदल दिया था. उन्हें “प्लेयर ऑफ़ मैच” चुना गया. इस दौरान उन्होंने क्या कहा जानते है.
देवदत्त ने नहीं दिया गंभीर को श्रेय
पर्थ में दूसरा टेस्ट, अब गाले में – क्या ये दोनों मुश्किल जगहें हैं?
“हाँ, मेरे करियर में ऐसी कई चीज़ें हुई हैं. मैंने धर्मशाला (टेस्ट डेब्यू) से शुरुआत की, फिर पर्थ में टेस्ट खेला, और अब गाले में. लेकिन इससे बेहतर की उम्मीद नहीं कर सकता था. खेल शानदार था. मुझे लगता है कि हमने बहुत अच्छी क्रिकेट खेली और जीत से बहुत खुश हूँ.”
क्या पिच पाँच दिनों में बदली?
“निश्चित रूप से, मुझे लगता है कि पिच पर स्वाभाविक रूप से टूट-फूट हुई. लेकिन मुझे लगता है कि यह टेस्ट मैच के लिए एक बेहतरीन पिच थी. मुझे लगता है कि पाँचों दिन इसने अच्छा व्यवहार किया. निश्चित रूप से, तीसरे दिन से यह ज़्यादा टर्न होने लगी थी. लेकिन अंत में, बात यह थी कि कौन अपनी स्किल्स के मामले में बेहतर साबित हुआ, और मुझे लगता है कि हमने अच्छा किया.”
क्या बाएं हाथ के बल्लेबाजों को इस पिच पर ज़्यादा मज़ा आया?
“ऐसा नहीं है, लेकिन ज़ाहिर है कि बाएं हाथ के स्पिनरों की ज़्यादा गेंदबाजी का असर तो पड़ा ही होगा. ज़ाहिर है, यह थोड़ी धीमी पिच थी. पिच से उतनी मदद नहीं मिल रही थी, इसलिए बाएं हाथ के बल्लेबाज बाएं हाथ के स्पिनरों का बेहतर ढंग से सामना कर पाए. मुझे लगता है कि यही अहम बात थी.”
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