30 गेंद में शतक मारने के बाद बोले अभिषेक शर्मा, इन 2 को दिया अपने पारी का का श्रेय

भारत-अफगानिस्तान सीरीज खत्म हो गयी दिल्ली में संपन्न हुआ इस सीरीज में भारतीय टीम ने क्लीन स्वीप कर दिया है. आखिरी मुकाबला में भारत ने 221 रन बनाया तो वही अफगानिस्तान टीम 94 पर ऑलआउट हुई. टीम को 171 रन से जीत मिली. इस जीत में सबसे बड़ा योगदान अभिषेक शर्मा का रहा है. उन्होंने 34 गेंद में 108 रन की पारी खेली जिसमे 11 छक्का और 9 चौका ठोका. जिसके बाद उन्हें ‘प्लेयर ऑफ़ सीरीज’ और ‘प्लेयर ऑफ़ मैच’ चुना गया है. उन्होंने इस धुआ धार पारी के बाद अभिषेक ने क्या कहा. आइये जानते है.

अभिषेक ने बताया कैसा ठोका सबसे तेज 30 गेंद में 100 रन

[30 गेंदों में 100 रन – यह कैसे होता है?] अभिषेक शर्मा ने कहा कि,

“देखिए सर, मैंने अपने पहले इंटरव्यू में भी कहा था कि हम पिछले दो साल से ऐसा कर रहे हैं. मैंने पहले भी कहा है कि एक या दो खराब सीरीज़ से बैटिंग डिपार्टमेंट के तौर पर हमारी पहचान तय नहीं होती, क्योंकि हम वर्ल्ड कप से पहले पूरे साल दबदबा बनाए रखना चाहते थे, चाहे हम किसी के भी खिलाफ खेल रहे हों. लेकिन एक बैटर और क्रिकेटर के तौर पर मुझे लगता है कि कभी-कभी उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. अहम बात यह है कि टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल कैसा है क्योंकि ऐसे समय में हमें एक यूनिट की तरह रहना होता है, अगले गेम पर फोकस करना होता है और अपना दबदबा बनाए रखना होता है.”

अभिषेक ने इन दो को अपनी पारी को दिया श्रेय

[जब आप गेंदबाजों की धुनाई करते हुए इतना बड़ा स्कोर बनाते हैं, तो आपके दिमाग में क्या चल रहा होता है?]

“मुझे लगता है कि यह सब उस प्रोसेस पर निर्भर करता है जिसे मैं हर सीरीज़ से पहले फॉलो करता हूँ. मेरे लिए यह बहुत खास होता है कि मैं किसके खिलाफ खेलने जा रहा हूँ और गेंदबाज कौन होंगे. इसलिए, एक बैटर के तौर पर मेरे लिए हमेशा प्रोसेस ही अहम रहा है: मैं पावरप्ले का इस्तेमाल कैसे करूँगा, पावरप्ले में मुझे कौन गेंदबाजी करेगा, और फिर सातवें या आठवें ओवर में क्या होगा. मेरे लिए ये बातें बहुत खास होती हैं.

मुझे लगता है कि जब आप इस खास तरीके से खेलना चाहते हैं, तो कप्तान और कोच का आपके साथ होना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि आपको मैनेजमेंट, कोच और कप्तान से भरोसा मिलना चाहिए. इसलिए मुझे लगता है कि उन्हीं की वजह से हम पिछले कुछ सालों से ऐसा कर रहे हैं, और उम्मीद है कि आगे भी ऐसा ही करते रहेंगे.”

अभिषेक ने बताया कैसे पूरे मैदान छक्के मारें

[क्या आप अब मैदान के अलग-अलग हिस्सों में शॉट मार रहे हैं, बजाय इसके कि सिर्फ़ एक या दो जगह पर ही खेलें?]

“मेरे लिए, मैं किसी खास हिस्से तक सीमित नहीं रहना चाहता. बस गेंद को देखो और उसके हिसाब से खेलो. मेरे लिए यह पहले दिन से ही बहुत आसान रहा है. मैं बस जाकर खुलकर खेलना चाहता हूँ, और गेंद पर ज़बरदस्ती शॉट नहीं मारना चाहता. बस गेंद को देखना और हिट करना है, और आने वाले सभी मैचों में भी मेरे लिए यही तरीका रहेगा. लेकिन जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, आप हमेशा यह पक्का नहीं कह सकते कि आप बहुत अच्छा ही खेलेंगे. लेकिन मुझे लगता है कि हमारी टीम में जो कल्चर बन रहा है, उसमें हमें डॉमिनेट करना है और पावरप्ले का फ़ायदा उठाना है, और यह सब बहुत अच्छा चल रहा है.”

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