भारत-ज़िम्बाब्वे के बीच वनडे सीरीज में भारत ने आख़िरकार 7 मैच के बाद सीरीज जीतने अपने नाम किया. आखिरी मैच भी भारत ने वैभव की घातक बल्लेबाजी के दम पर 192 रन खड़ा करनेमे कामयाब हुई और जवाब में ज़िम्बाब्वे ने 20 ओवर में 157 रन बना सकी 7 विकेट के नुकसान पर यह मैच भारत 35 रन से अपने नाम किया. 2 सीरीज हारने के बाद पहली सीरीज में मिली जीत के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने क्या कहा आइये जानते है.
श्रेयस ने दिया बयान, बतौर कप्तान इस सीरीज से क्या मिली सीख
श्रेयस ने इस सीरीज के बाद अपने सिख के बार में बात करते हुए कहा कि,
“जैसा कि हमने देखा कि वे कितने निडर हैं, वे युवा खिलाड़ियों का एक समूह हैं जिन्होंने मैदान पर जबरदस्त ऊर्जा और इरादा दिखाया है, खासकर जब आप लगातार मैच खेलते हैं. कप्तान के तौर पर और एक टीम के तौर पर मुझे ऐसी ही ऊर्जा की जरूरत होती है, और उन्होंने आज भी लगातार मैचों में इसे बखूबी निभाया. तो, जिम्बाब्वे में सीरीज जीतना मेरे लिए एक खास एहसास है. शानदार जीत, 3-0। तो यह एक यादगार पल होगा.”
श्रेयस ने खुद को नहीं माना अनुभवी
(क्या कप्तान के तौर पर आप पर थोड़ी अतिरिक्त जिम्मेदारी है, क्योंकि आपने टीम के कुछ युवा खिलाड़ियों से ज्यादा मैच खेले हैं?)
“मुझे लगता है कि अगर आप रिकॉर्ड देखें, तो मैंने लगभग उन सभी के बराबर मैच खेले हैं, जो लगभग 55 से 60 हैं. तो, मेरा मतलब है, अनुभव के लिहाज से, कई खिलाड़ी ऐसे हैं जिनके पास जबरदस्त अनुभव है क्योंकि आजकल वे आईपीएल में भी खेलते हैं. तो हाँ, वे विशेष प्रतिभा के धनी हैं और उनसे जितना बेहतर प्रदर्शन करवाया जा सकता है, उतना ही टीम के लिए भी फायदेमंद है. इसलिए जब भी मैं मैदान पर उतरता हूँ, मैं यह सुनिश्चित करने की कोशिश करता हूँ कि वे सहज और तनावमुक्त महसूस करें, क्योंकि तभी उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाया जा सकता है”
श्रेयस ने नहीं लिया वैभव सूर्यवंशी का नाम
तीनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों से आपका काम कितना आसान हो जाता है? श्रेयस ने इस जीत के लिए किसी भी विशेष खिलाड़ी का नाम नहीं लिया. उन्होंने वैभव को भी नजरअंदाज कर कहा कि,
“बिलकुल, यह बहुत ज़रूरी है, खासकर कप्तान के तौर पर. आप देखते हैं कि लड़के आगे बढ़कर ज़िम्मेदारी संभालते हैं और आपके लिए मैच जीतते हैं. आगे भी आपको यही चाहिए. हमने अभी लय बना ली है और यह ज़रूरी है कि हम अपने दृष्टिकोण और रवैये में निरंतरता बनाए रखें. आगे भी चुनौतियाँ होंगी, लेकिन हमारे अंदर जो धैर्य है और अगर हम आगे भी उतना ही साहस दिखाते हैं, तो मुझे लगता है कि यह भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा होगा.”
