वैभव की घातक पारी पचा नहीं सके श्रेयस अय्यर! 18 गेंद में 50 रन की पारी से नहीं हुए खुश, कहा- 'उसे यहां...'
वैभव की घातक पारी पचा नहीं सके श्रेयस अय्यर! 18 गेंद में 50 रन की पारी से नहीं हुए खुश, कहा- 'उसे यहां...'

भारत-ज़िम्बाब्वे के बीच पहला टी20 मैच हरारे में खेला गया. इस मैच में भारतीय टीम के तरफ से पहले घातक गेंदबाजी फिर घातक बल्लेबाजी भी देखने को मिला. मयंक यादव का इंटरनेशनल मैच में वापसी हुई लेकिन रफ़्तार का कहर बेहतरीन था. उनकी और प्रिंस की कसी गेंदबाजी ने ज़िम्बाब्वे को बड़ा स्कोर नहीं खड़ा करने दिया जिसकी बदौलत भारत को 126 रन महज बनाने थे.

जिसे वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी ने और आसान कर दिया. कप्तान श्रेयस ने नाबाद 24 गेंद में 28 रन बनाकर मैच खत्म किये. मैच के बाद कप्तान श्रेयस ने अपने कप्तानी में पहली जीत पर बयान दिया.

श्रेयस अय्यर ने जीत के बाद इस गेंदबाज को दिया श्रेय

जीत के बाद कप्तान अय्यर ने अपनी पहली जीत हासिल करने के बाद बात करते हुए कहा कि,

शानदार, उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा और मुझे अपनी पहली जीत मिली, इससे ज़्यादा खुशी मुझे नहीं हो सकती. (अपनी टीम के परिस्थितियों के अनुकूल ढलने पर) बिल्कुल, जैसा कि मैंने पहले बताया, मुझे उछाल का अंदाज़ा था और इस विकेट पर अच्छा-खासा उछाल था, खासकर हार्ड लेंथ से और शुरुआत में पिच में उतार-चढ़ाव भी था. मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि दोनों पारियों में ऐसा ही था.

लेकिन मयंक ने जिस तरह से गेंदबाजी की, अपनी लाइन और लेंथ को सटीक रखते हुए, उन्होंने विरोधी टीम को रन बनाने का मौका ही नहीं दिया. मुझे लगता है कि यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है और फिर वैभव ने पावरप्ले में आकर हमें शानदार शुरुआत दी.

ज़िम्बाब्वे को ऑलआउट ना कर पाने कप्तान ने बनाया बहाना

ज़िम्बाब्वे एक समय 7 ओवर में 32 रन पर ही 4 विकेट गंवा दिए थे इसके बावजूद श्रेयस उनको ऑलआउट नहीं कर सकी. इस पर उन्हें क्या चिंता है तो जवाब देते हुए कहा कि,

“हर टीम में एक ऐसा बल्लेबाज होता है जो टीम को पूरी ताकत से आगे ले जाकर एक अच्छा स्कोर खड़ा कर सकता है. मुझे लगता है कि उन्होंने विकेट का अच्छी तरह से विश्लेषण किया और उन्होंने साझेदारियां बनानी शुरू कर दीं. तभी मैंने अपने गेंदबाजों को भी रोटेट करने का सोचा और यह सुनिश्चित करना चाहा कि उन्हें अच्छी लय मिले क्योंकि हमें यहां दो और मैच खेलने हैं. इसलिए, सभी को गेंदबाजी और बल्लेबाजी करने का मौका मिलना, वास्तव में उन्हें काफी आत्मविश्वास भी देता है.”

वैभव के पहले अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पर खुश नही श्रेयस, किया खुलासा

जिस मैदान पर बल्लेबाज को छक्का मारना आसान नहीं था वह वैभव ने 4 छक्का, 4 चौका ठोककर महज 18 गेंद में पर अर्धशतक ठोका इस पर श्रेयस खुलकर तारीफ करते नजर नहीं आये बल्कि उन्होंने कहा कि वह यहां खेल चुका इसलिए इतना तेज रन बना सका. जवाब देते हुए कहा कि,

“उनकी बल्लेबाजी असाधारण थी. वह एक निडर युवा खिलाड़ी हैं और जिस तरह से उन्होंने इस पारी को खेला वह अद्भुत था. तो, हाँ, मुझे लगता है कि वह पहले भी यहां खेल चुके हैं, इसलिए उन्हें विकेटों के बारे में अच्छी जानकारी है. उन्होंने अंडर-19 फाइनल में 175 रन बनाए थे, इसलिए मैदान पर उतरते समय उनमें जबरदस्त आत्मविश्वास होता है. तो, आज इसे देखकर अच्छा लगा”

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