भारत बनाम आयरलैंड के बीच पहले टी20 मैच में इतिहास का सबसे बड़ा उलटफेर हो गया. भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस ने टॉस जीता पहले गेंदबाजी की. बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड की टीम ने 20 ओवर में 182 रन का बड़ा लक्ष्य खड़ा किया. वही जवाब में भारतीय टीम महज 148 रन पर ही ऑलआउट हो गयी. इतिहास में यह पहली बार हुआ जब आयरलैंड ने भारत को हरा दिया. इतनी बड़ी हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने क्या कहा इस हार की वजह क्या बताया. आइये जानते है.
कप्तान श्रेयस ने गेंदबाजी को ठहराया जिम्मेदार
श्रेयस का इस मैच में बल्ला नहीं चला. नाही कप्तानी चली लेकिन हार के बाद उन्होंने अपना बयान दिया है उन्होंने गेंदबाजी के बारे में बात किया और कहा ओस पर 140 रन ही चेस हो पाता उन्होंने कहा कि ,
” मुझे लगता है कि शुरुआत में गेंदबाज़ अच्छी बॉलिंग कर रहे थे. उन्हें लेटरल मूवमेंट मिल रहा था और कुछ विकेट भी मिले. तो हमें शानदार शुरुआत मिली, लेकिन बीच में हम अपनी योजना पर ठीक से अमल नहीं कर पाए. हमने उन्हें सीधे ग्राउंड की तरफ शॉट खेलने दिए, जहाँ हमें पता है कि बाउंड्री छोटी है. लेकिन फिर, हाँ, जब हमें ओवर रोकने थे, तब गेंदबाज़ों ने शानदार काम किया. तो मुझे लगा कि जिस तरह की शुरुआत मिली थी, उसे देखते हुए 140 का स्कोर चेज़ करने के लिए ज़बरदस्त होता. फिर भी, यहाँ का अनुभव बहुत अच्छा रहा. हमें इन हालात में खेलने का मौका मिला, पिच के बारे में अच्छी जानकारी मिली, और हाँ, कप्तान के तौर पर यह एक बढ़िया शुरुआत थी.”
यह पूछे जाने पार कि क्या लंबे ब्रेक के बाद लय बिगड़ने का असर पड़ा
हाँ, बिल्कुल. जो हुआ उसे हम भूल जाएँगे. इस मैच से निश्चित रूप से बहुत कुछ सीखने को मिला है और हम कोशिश करेंगे कि अगले मैच में पूरी ताक़त के साथ उतरें.
हर्षित राणा और शिवम दुबे की बॉलिंग पर श्रेयस ने कहा कि,
हाँ, बिल्कुल. शुरुआत में उन्हें मदद मिल रही थी, और शिवम ने पहले भी अहम ओवर डाले हैं. इसलिए मैं हमेशा उन पर भरोसा करता हूँ, और मैंने उनके साथ घरेलू क्रिकेट में भी खेला है. मैं उनकी ताक़त और कमज़ोरियों को जानता हूँ. और हर्षित राणा ने ज़बरदस्त बॉलिंग की. चोट से उबरकर इस स्तर पर खेलना और ऐसा टैलेंट दिखाना, वाकई शानदार है.
हार के बाद टीम के लिया श्रेयस ने दिया यह सन्देश
श्रेयस ने कहा कि,
“मुझे लगता है कि आप किसी भी चीज़ को हल्के में नहीं ले सकते. आप बस मैदान पर जाकर मैच नहीं जीत सकते. आपको कड़ी मेहनत करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि आप उस पल में पूरी तरह मौजूद रहें. जैसा कि मैंने पहले कहा, आपको वर्तमान में रहना होगा और अगर विरोधी टीम पर दबाव बनाने का मौका मिले, तो उसका फ़ायदा उठाना होगा. और हाँ, किसी भी पल या स्थिति को कभी हल्के में न लें. हाँ मै अगले मैच का बेसब्री से इन्तजार कर रहा हूँ”
